क्या है डिजिटल 3.0 अभियान क्या इससे होगी रेहड़ी वालों की कायाकल्प

क्या है डिजिटल 3.0 अभियान क्या इससे होगी रेहड़ी वालों की कायाकल्प | पीएम स्वनिधि योजना कैसे जोरो जोरो से हर जगह पांव पसार रही है तो ऐसे में सरकार इसका फायदा उठाना चाह रही है और जितने भी स्ट्रीट वेंडर हैं उन सबको ऑनलाइन पेमेंट अपनाने की सलाह दे रही है जरूरत पड़ने पर ट्रेनिंग भी दे रही है यानी सरकार का लक्ष्य है कि डिजिटल लेनदेन कर देना है सभी स्ट्रीट वेंडरों को भी।

“डिजिटल इंडिया 3.0 के योजना के तहत डिजिटल लेनदेन बढ़ावा देने के लिए प्रति माह 100 रुपये की दर से डिजिटल लेनदेन कर लेने पर सभी स्ट्रीट वेंडरों को और रेहड़ी पटरी वालों को 1,200 रूपए तक का कैश बैक मिलता है और मिलता रहेगा। “

सरकारी योजना के प्रति उत्साहित

भारत में पहले से ही रेहड़ी और पटरी वाले भी सड़क किनारे रहने वाले दुकान भी डिजिटल पेमेंट लेते नजर आते थे लेकिन जो रह गए हैं उनको भी सरकार डिजिटल पेमेंट की तरफ आकर्षित कर रही है इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के और शहरी मामलों के मंत्रालय के बीच सहयोग होगा और इससे देश के 223 शहरों में पीएम स्वनिधि स्कीम के अंतर्गत जितने भी स्ट्रीट वेंडर्स हैं उनको ट्रेनिंग दिलाने के लिए सरकार “मैं भी डिजिटल 3.0” का अभियान शुरू कर रही है शहरी मामलों के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सचिव अजय प्रकाश साहनी ने एक वर्चुअल मीटिंग में इसे लॉन्च करके देश को समर्पण कर दिया उनका कहना था कि इस अभियान की सभी लोगों तक पहुंचाने की हमारी पूर्ण रूप से योजना रहेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सब समर्पण रहेगा।

डिजिटल कंपनियां आगे आई पेमेंट मामले में

Bharatpe, phonepe, UPI, mobiquik , bhim upi , से लेके यूपीआई आईडी डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए सभी डिजिटल पेमेंट कंपनियां भारत सरकार का साथ देंगे और भारत को पूर्णतया डिजिटली कराने में मदद करेंगे जितने लोगों को क्यूआर कोड चाहिए वह ये QR का कोड भी देंगे जरूरत पड़ने पर लोगों को ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के प्रति शिक्षित भी करेंगे।

योजना का संचालन अच्छे से हो रहा है

अब तक अगर देखा जाए तो 45.5 लाख लोगों के आवेदन मिल चुके हैं इनमें से भी 24.6 लाख कर्ज दिए जा चुके हैं 27.2 लाख कर्ज आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं

अब तक अगर देखा जाए तो 2444 हज़ार करोड़ रुपए की रकम लोगों को दी गई जिनमें भी 70448 हज़ार से ज्यादा रेहड़ी पटरी वालों ने कर्ज की पहली किस्त चुका दी 22.41 लाख डिजिटल रूप से ऑनलाइन स्ट्रीट वेंडर है जो ऑनलाइन पेमेंट स्वीकार करते हैं और इसमें भी 5.92 करोड़ डिजिटल लेन-देन के मामले हैं

तो ऐसे में सरकार का यह अभियान मैं भी डिजिटल 3 पॉइंट जीरो एक उच्च स्तर स्तर पर निर्धारित की गई योजना है जिसका स्वचालन काफी अच्छे से हो रहा है यदि आप भी स्ट्रीट वेंडर है रेडी लगाते हैं या पटरी पर रेहड़ी लगाते हैं तो आप भी सरकार के इस आवेदन को स्वीकार कर सकते हैं।

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