जब फोर्ड ने रतन टाटा को नीचा दिखाने की कोशिश की जाने पूरी जानकारी

जब फोर्ड ने रतन टाटा को नीचा दिखाने की कोशिश की । यह बात कॉरपोरेट वर्ल्ड के ऐसे दुश्मनी के बारे में था जहां पर फोर्ड मोटर और टाटा मोटर्स के बीच जो कुछ भी चला । आज दुनिया का हर बिजनेस स्कूल उसे उदाहरण के तौर पर देखता है अब यह बात ऐसे समय में सामने आई है जब फोर्ड मोटर्स इंडिया ने अपने प्लांट को बंद करने का घोषणा किया, 1999 से अब तक जो हुआ हम जानेंगे डिटेल में

फोर्ड कंपनी की हालत ख़राब

अगर बात हम फोर्ड की करें तो यह कंपनी 2 अरब डालर के घाटे से हद से ज्यादा सदमे में है इससे उबर पाने की हालत में बिल्कुल नहीं है चेन्नई यूनिट और साणंद यूनिट में 4200 कर्मचारियों को मायूस होना पड़ा है । ऐसे में तंग आकर हिंदुस्तान के दोनों मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को बंद करने का ऐलान फोर्ड मोटर्स ने किया। लेकिन फोर्ड कंपनी के घमंड की बात थोड़ी और है जिसे रतन टाटा ने चकनाचूर किया था आइए जानते हैं कैसे फोर्ड के हेड क्वार्टर में रतन टाटा की बेज्जती करने की पूरी प्रयास कर ली थी फोर्ड कंपनी नें।

टाटा मोटर्स के कर निर्माण से हुआ ऐसे शुरुआत

रतन टाटा जब 1991 में रतन टाटा ग्रुप के चेयरमैन बने थे उस समय तक टाटा मोटर्स की बुनियाद एक ट्रक बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी के रूप में माना जाता था । लेकिन बात है सन 1998 में जब टाटा मोटर्स ने कार बिजनेस में अपना कदम रखा 1998 के खत्म होते होते टाटा इंडिका भारत में अपने कदम रख चुकी थी ऐसा पहली दफा था जब किसी भारतीय कंपनी ने कोई कार लांच किया था। दिन क्या, रात क्या बस मेहनत करने में जुटे थे सभी लोग इस कार के लांच होने से मार्केट से जितनी भी आशा थी उस पर खरे नहीं उतर पाए।

टाटा मोटर्स की यूँ हुई थी निराश

मुंबई की सड़कों पर से लेकर के दिल्ली की सड़कों तक जब जब बारिश हुई तो इंडिका की छीछा लेदर हुई । हाल यह हो गया कि 1999 में टाटा ग्रुप तंग आकर कार व्यापार और कार कारोबार से अपना हाथ मोड़ लेने का फैसला किया । लेकिन रतन टाटा इतने भी निराश नहीं हुए , जैसे तैसे वह इसी ताक में थे कि कोई कंपनी हमारे कार बिजनेस को ओवरटेक कर ले यह हमसे खरीद ले ।

फोर्ड मोटर्स का पलट जाना टाटा मोटर्स के प्रति

ऐसे में आगे बढ़कर फोर्ड मोटर्स ने आश्वासन दिया कि वह टाटा की कार यूनिट को मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को खरीद लेंगे इसके लिए रतन टाटा और उनकी टीम डेट्राइट पहुंचकर 3 घंटे से ज्यादा मीटिंग की फोर्ड मोटर्स के डायरेक्टर्स के साथ लेकिन इसमें भी फोर्ड मोटर्स के चेयरमैन बिल फोर्ड महान रतन टाटा को औकात से ज्यादा नीचे गिराने की कोशिश करने लगे ।

रतन टाटा से बिल कोर्ट ने कहा कि जब तुम्हें कार के क्षेत्र में कोई अनुभव बिल्कुल भी नहीं था ठुल्लू बनती कार तुमसे, क्योंकि ऐसे में फोर्ड मोटर्स उपकार करेगी आपके कार बिजनेस को खरीद कर.

टाटा मोटर्स की फौलादी इरादे के साथ नयी शुरुआत

दोस्तों यह वह समय था जब रतन टाटा ने ठान ली कि अब कुछ करना है बहुत कुछ और अगले ही पल रतन टाटा कार बिजनेस को बिना बेचे फ्लाइट से अपनी टीम के साथ मुंबई पहुंच आये।

इस बार रतन टाटा, रतन टाटा नहीं थे इनके फौलादी इरादे पहाड़ों से भी ज्यादा ऊंचे और लोहे से भी ज्यादा मजबूत थे अब बारी थी फोर्ड को उनकी औकात दिखाने की।

बात करें 2008 की तो टाटा मोटर्स के झोली में जहां एक तरफ बेस्ट सेलिंग कार्स का एक लंबा काफिला था वहीं दूसरी तरफ फोर्ड मोटर्स अपने इरादों पर खरा नहीं उतर रही थी 2008 में ऐसा हुआ कि रतन टाटा उल्टे फोर्ड को ही औकात दिखा दिए ।

टाटा मोटर्स ने फोर्ड की लैंड रोवर और जैगुआर ब्रांड को ख़रीदा

टाटा मोटर्स ने फोर्ड की लैंड रोवर और जैगुआर ब्रांड को लगभग US $2.3 billion (Rs 9,200 crore), में ख़रीदा March 26, 2008 में और फिर | फोर्ड के जगुआर लैंड रोवर पेंशन योजनाओं में लगभग 600 मिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान देके पुनः जीवित करके इतना प्रॉफिटेबल बनाया।

जी हां आप बिल्कुल सही समझे आप जब टाटा मोटर्स ने फोर्ड की लैंड रोवर और फोर्ड की दूसरी जैगुआर ब्रांड को खरीदने का जबरदस्त ऑफर दिया। बात करें इन दोनों कार कंपनियों की या इन दोनों ब्रांड की तो इनकी हालत इतनी सही नहीं थी फोर्ड ।

फोर्ड इन दोनों कंपनियों को बड़े बेढंगे तरीके से ढो रहा था,  ठीक उसी तरह जैसे काम के ना काज के दुश्मन अनाज के ,ज्यादा घाटा हो रहा था ford को जगुआर ब्रांड और लैंड रोवर ब्रांड से बिल फोर्ड ने टाटा मोटर्स से कहा की उपकार आप कर रहे हैं हम पर,  रतन टाटा कर बदला लेना चाहते तो बड़ी आसानी से लैंड रोवर और जैगुआर ब्रांड को वहीं पर बंद कर देते लेकिन रतन टाटा ने इससे भी 10 कदम आगे की Sochi और लंदन की फैक्ट्री बंद हो जाएगी ऐसी अफवाहों के बीच रतन टाटा ने टीम को अपने तरीके से काम करने का मौका दिया. 

पूरी दुनिया में आज इससे ज्यादा भयंकर बईज्जती फोर्ड ग्रुप की नहीं हुई थी लैंड रोवर और जगुआर खरीदना हर किसी का सपना है आज और दुनिया की मानी जानी ब्रांड्स में से एक है ये कर। जैगुआर ब्रांड दुनिया की बेस्ट सेलिंग कार ब्रांड में से एक है वहीं पर लैंड रोवर भी दुनिया की बेस्ट सेलिंग कार में से एक और आज टाटा मोटर्स दुनिया के बड़े कार कंपनी निर्माताओं में से एक है। और रतन टाटा का नाम सभी जानते हैं कितने सम्मान के साथ रतन टाटा का नाम लिया जाता है। पूरी दुनिया में भारत में और हर एक बिजनेस स्कूल में इसे एक उदाहरण की तरह दिया जाता है आपको बताते चलें कि टाटा ग्रुप को जितना मुनाफा होता है उसका 66% प्रतिशत चैरिटी को दान देते हैं यानी चैरिटी पर ज्यादा खर्च करते हैं

आपने वह अंग्रेजी के कहावत सुनी होगी ना, 

सक्सेस इज द टेस्ट ऑफ रिवेंज

यह कहावत इस सच्ची कहानी पर फिट बैठती है और रतन टाटा जी इस कहानी को इस कहावत को चरितार्थ करते नजर आते हैं

तो आपकी मानते हैं ना गजब की शख्सियत रतन टाटा जी हैं ।

भगवान करे रतन टाटा जी सालों साल जियें 

भारत की आन, बान और शान रतन टाटा जी।

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